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उत्तराखंड: पौड़ी पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान 2.0, छात्रों को साइबर ठगी और यातायात नियमों की जानकारी दी
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तराखंड: पौड़ी उत्तराखंड पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम, आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार के निर्देशन में पौड़ी पुलिस द्वारा जनपद के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
विस्तार
उत्तराखंड: पौड़ी उत्तराखंड पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम, आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार के निर्देशन में पौड़ी पुलिस द्वारा जनपद के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं एवं आमजन को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी देकर उनसे बचाव के प्रभावी उपाय बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में “साइबर जागरूकता 2.0” अभियान के अंतर्गत थाना सतपुली पुलिस टीम द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज मैटाकुण्ड, यातायात श्रीनगर पुलिस टीम द्वारा केंद्रीय विद्यालय श्रीनगर तथा कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी, कोटद्वार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभावों एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, लिंक, वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट, नौकरी एवं लोन के प्रलोभन, ऑनलाइन खरीदारी, निवेश संबंधी झांसे और डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी के माध्यम से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। साइबर ठगी होने पर तुरंत बिना देर किए 1930 पर कॉल अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने हेतु बताया गया। बैंक को भी तत्काल सूचित करें तथा लेन-देन का विवरण, स्क्रीनशॉट और संबंधित संदेश सुरक्षित रखें। साथ ही छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने, नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, तेज गति एवं लापरवाही से वाहन न चलाने और नाबालिगों को वाहन न चलाने देने के संबंध में भी जागरूक किया गया।