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 राजस्थान: मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी ने शुरू किया शतरंज प्रशिक्षण केंद्र, प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 21/10/2026 03:42:00 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: टोंक राजस्थान की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रियासतकालीन खेल शतरंज को नई पहचान, नई ऊंचाइयां और अंतरराष्ट्रीय क्षितिज  प्रदान करने की दिशा में मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी ने एक अभिनव पहल की है।

विस्तार

राजस्थान: टोंक राजस्थान की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रियासतकालीन खेल शतरंज को नई पहचान, नई ऊंचाइयां और अंतरराष्ट्रीय क्षितिज  प्रदान करने की दिशा में मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी ने एक अभिनव पहल की है।  रविवार को शतरंज प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ हो चुका है। इस केंद्र के माध्यम से बाल प्रतिभाओं को सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक एवं तकनीकी पद्धति से शतरंज का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी की यह पहल शतरंज को केवल मनोरंजन अथवा बौद्धिक खेल तक सीमित न रखकर इसे प्रतिभा परिष्कार, तार्किक चिंतन, निर्णय क्षमता और व्यक्तित्व विकास के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों की रणनीतिक सोच, एकाग्रता, धैर्य, विश्लेषण क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

 

एकेडमी के निदेशक कमलेश सिंगोदिया के मार्गदर्शन में प्रारंभ किए गए इस प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य टोंक की उभरती खेल प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराना तथा उन्हें जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को शतरंज की बुनियादी बारीकियों से लेकर उन्नत रणनीतियों, चालों के विश्लेषण, खेल की परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और प्रतिद्वंद्वी की रणनीति को समझने का अभ्यास कराया जाएगा। प्रशिक्षक सुरेश बुन्देल के निर्देशन में संचालित होने वाला यह केंद्र विशेष रूप से बच्चों और युवा खिलाड़ियों के लिए उपयोगी सिद्ध होने की उम्मीद है। यहां नियमित अभ्यास, अनुशासित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से खिलाड़ियों की क्षमताओं को तराशने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी योग्यता प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर मिल सकें।

 

शतरंज को बुद्धि, विवेक, धैर्य और दूरदर्शिता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल की प्रत्येक चाल खिलाड़ियों को परिस्थितियों का आकलन करने, संभावनाओं को समझने और सोच-समझकर निर्णय लेने की सीख देती है। ऐसे में मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी की यह पहल खेल प्रशिक्षण के साथ- साथ नई पीढ़ी में बौद्धिक अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी का लक्ष्य टोंक को शतरंज प्रतिभाओं की नई पहचान दिलाना और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बड़े मंचों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करना है। उम्मीद है कि यह प्रशिक्षण केंद्र आने वाले समय में शतरंज के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को सामने लाने, खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और टोंक को शतरंज के मानचित्र पर विशिष्ट स्थान दिलाने की दिशा में सार्थक योगदान देगा।