-
☰
उत्तर प्रदेश: बबराला में ‘रन फॉर डीएवी’ का आयोजन, विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों ने भी लगाई दौड़
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: संभल जिले के बबराला स्थित डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को ‘रन फॉर डीएवी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को स्वास्थ्य, अनुशासन और शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करना रहा।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: संभल जिले के बबराला स्थित डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को ‘रन फॉर डीएवी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को स्वास्थ्य, अनुशासन और शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर की गई। इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य आनंद स्वरूप सारस्वत ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के बाद प्राचार्य आनंद स्वरूप सारस्वत और विद्यालय के चेयरमैन एवं यारा फर्टिलाइजर्स फैक्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम.एस. प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के विभिन्न वर्गों के लिए 2 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। इसमें विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने निर्धारित दूरी पूरी करने के लिए पूरे जोश के साथ दौड़ लगाई। दौड़ पूरी करने वाले विभिन्न वर्गों के विजेताओं को पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में शामिल छोटे बच्चों का भी उत्साहवर्धन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य आनंद स्वरूप सारस्वत ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वस्थ और अनुशासित जीवन के लिए शारीरिक गतिविधियां जरूरी हैं। ‘रन फॉर डीएवी’ के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया है। विद्यालय के चेयरमैन एवं यारा फर्टिलाइजर्स फैक्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम.एस. प्रसाद ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में खेल और शारीरिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या से विद्यार्थी स्वस्थ रहने के साथ आत्मविश्वास और टीम भावना भी विकसित करते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, चिकित्सा दल और सुरक्षा कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।