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 उत्तर प्रदेश: मुजफ्फरनगर पुलिस ने 7 बड़ी साइबर ठगी की घटनाएं रोकीं, करीब ₹5 करोड़ बचाए

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 09/10/2026 01:22:15 pm Share:
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  • 09/10/2026 01:22:15 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मुजफ्फरनगर। जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने बॉस स्कैम (BOSS SCAM) के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता और रोकथाम अभियान के तहत अब तक साइबर ठगी की 7 बड़ी घटनाओं को समय रहते रोकने में सफलता हासिल की है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मुजफ्फरनगर। जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने बॉस स्कैम (BOSS SCAM) के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता और रोकथाम अभियान के तहत अब तक साइबर ठगी की 7 बड़ी घटनाओं को समय रहते रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से आमजन और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की करीब ₹5 करोड़ की धनराशि साइबर अपराधियों के हाथों में जाने से बचाई गई है। इसके अलावा, ठगी से जुड़े 4 बैंक खातों में जमा करीब ₹1 करोड़ 25 लाख की धनराशि होल्ड/फ्रीज कराई गई है।

घनश्याम दास। पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी अपराध सुभाषचन्द के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है।

अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाए जाने के तहत लोगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और विभिन्न संस्थानों को बॉस स्कैम, डिजिटल फ्रॉड, फिशिंग, मालवेयर, फर्जी APK, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

क्या है बॉस स्कैम?

बॉस स्कैम में साइबर अपराधी किसी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक, मालिक या प्रबंधन के नाम का दुरुपयोग कर कर्मचारियों को तत्काल भुगतान, बैंक ट्रांसफर या गोपनीय वित्तीय कार्रवाई करने के निर्देश देते हैं। जल्दबाजी और दबाव बनाकर वे लोगों से बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश करते हैं।

इस खतरे को देखते हुए मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने व्यापारी संगठनों, कारोबारियों, प्रतिष्ठान संचालकों और एकाउंटेंट्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें संदिग्ध कॉल और संदेशों की पहचान करने तथा किसी भी भुगतान से पहले संबंधित व्यक्ति से स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने की जानकारी दी गई। इस कार्रवाई में थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर ज्ञान सिंह और अतुल सिंह तथा आरक्षी अभिषेक चौहान की भूमिका रही।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी या मालिक के नाम से आए वित्तीय निर्देश पर बिना सत्यापन के भुगतान न करें। साइबर ठगी होने या ठगी के प्रयास की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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