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राजस्थान: बीसलपुर बांध की नहरों में समय पर पानी छोड़ने की मांग, किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 09/10/2026 06:08:52 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: बीसलपुर बांध की नहरों में समय पर पानी छोड़ने, नहरों की सफाई और क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

विस्तार

राजस्थान: बीसलपुर बांध की नहरों में समय पर पानी छोड़ने, नहरों की सफाई और क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने प्रशासन से नवंबर के पहले सप्ताह में बैठक आयोजित कर नहरों में पानी छोड़ने की तारीख तय करने की मांग की। किसानों के अनुसार, कलेक्टर ने पहले सप्ताह में बैठक करवाने का आश्वासन दिया है। यदि तय समय में बैठक नहीं हुई तो किसान 10 नवंबर को टोंक में पड़ाव डालेंगे।

किसानों ने कहा कि हर साल नहरों की सफाई, मरम्मत और सिंचाई के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने की मांग उठानी पड़ती है। उन्होंने सिंचाई विभाग से समय रहते सफाई और मरम्मत का काम पूरा करवाने की मांग की। साथ ही, मनरेगा के तहत उपलब्ध प्रावधानों का उपयोग कर नहरों की सफाई करवाने का सुझाव दिया, ताकि ग्रामीणों को रोजगार भी मिल सके।

पानी के आवंटन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग

किसानों ने बीसलपुर बांध से पेयजल और सिंचाई के लिए पानी के आवंटन से संबंधित समझौता पत्र उपलब्ध कराने की मांग की। किसान प्रतिनिधियों के अनुसार, समझौते में पेयजल के लिए 16 टीएमसी और किसानों के लिए 8 टीएमसी पानी निर्धारित होने की बात कही गई है। उन्होंने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि आगामी बैठक में तथ्यों के आधार पर अपनी बात रख सकें।

किसानों ने पानी के आरक्षण और आवंटन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गाद, अन्य कारणों और पेयजल की जरूरत का हवाला देकर सिंचाई के पानी में कटौती की जाती है। उन्होंने पानी के बंटवारे के नियम स्पष्ट करने और किसानों को उनके हिस्से का पानी समय पर उपलब्ध कराने की मांग की।

खाद की कालाबाजारी और टैगिंग का मुद्दा भी उठाया

ज्ञापन में किसानों ने खाद की कालाबाजारी और खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने की अनिवार्यता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दुकानों पर रेट लिस्ट लगाने और किसानों को खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं करने की मांग की। किसानों ने प्रशासन से कृषि आदान विक्रेताओं की औचक जांच करवाकर नियमों की पालना सुनिश्चित करने की अपील की।

समय पर पानी मिलने से सिंचाई में मिलेगी राहत

ग्राम गौहरपुरा के किसान रतिराम जाट ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांग बीसलपुर बांध की नहरों में समय पर पानी छोड़ने की है, ताकि खेतों में फसलों की सिंचाई हो सके और किसान अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

किसानों के अनुसार, प्रशासन ने नवंबर के पहले सप्ताह में नहरों की सफाई और पानी छोड़ने के संबंध में निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा, जिससे आगामी सिंचाई सीजन में उन्हें पानी की कमी के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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