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राजस्थान: टोंक में शतरंज प्रशिक्षण केंद्र का हुआ शुभारंभ, नन्हें खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए किया जाएगा तैयार
- Photo by : social media
विस्तार
राजस्थान: ऐतिहासिक खेल शतरंज को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी ने पहल की है। रविवार को टोंक में शतरंज प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र के माध्यम से बच्चों और युवा खिलाड़ियों को व्यवस्थित एवं तकनीकी पद्धति से प्रशिक्षण देकर जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। एकेडमी के निदेशक कमलेश सिंगोदिया के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस केंद्र का उद्देश्य टोंक की उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र में खिलाड़ियों की रणनीतिक सोच, एकाग्रता, धैर्य, तार्किक क्षमता और निर्णय लेने के कौशल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षक सुरेश बुन्देल के निर्देशन में संचालित होने वाले इस केंद्र में खिलाड़ियों को शतरंज की बुनियादी तकनीकों से लेकर उन्नत रणनीतियों तक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही चालों का विश्लेषण करने, खेल की परिस्थितियों को समझने और प्रतिद्वंद्वी की रणनीति के अनुसार निर्णय लेने का अभ्यास भी कराया जाएगा। कमलेश सिंगोदिया ने टोंक में शतरंज को नई बुलंदियों तक पहुंचाने और स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प जताया। एकेडमी का मानना है कि नियमित अभ्यास, अनुशासित प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारा जा सकता है। शतरंज को बौद्धिक क्षमता, धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता विकसित करने वाला खेल माना जाता है। इसकी प्रत्येक चाल खिलाड़ियों को परिस्थितियों का आकलन करने और सोच-समझकर निर्णय लेने की सीख देती है। ऐसे में यह प्रशिक्षण केंद्र खेल कौशल के साथ बच्चों में तार्किक चिंतन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में भी सहायक होगा। मदरलैण्ड स्पोर्ट्स एकेडमी को उम्मीद है कि यह पहल टोंक में शतरंज की संस्कृति को बढ़ावा देगी और भविष्य में यहां के खिलाड़ी जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान स्थापित करेंगे।