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राजस्थान: टोंक की 10 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित, ग्राम सभाओं में लिया गया संकल्प

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 03/10/2026 11:48:08 am Share:
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संक्षेप

राजस्थान: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत गांधी जयंती के अवसर पर टोंक जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया।

विस्तार

राजस्थान: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत गांधी जयंती के अवसर पर टोंक जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभाओं में बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों तथा ग्रामीणों की सर्वसम्मति से जिले की 10 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया गया।

बाल विवाह मुक्त घोषित की गई पंचायतों में अरनिया केदार, देवली भांची, हटौना, मंडावर, कलमंडा, छाबराना, ढिकोलिया, बगड़ी, रजवास और पहाड़ी शामिल हैं। इस दौरान संबंधित ग्राम सभाओं में ग्राम विकास अधिकारियों और बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के करीब 150 सदस्य मौजूद रहे।

ग्राम सभाओं में बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकारों और बाल विवाह प्रतिषेध कानून को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। जिला समन्वयक पूनम जोनवाल ने कानून की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत, बाल संरक्षण समितियों, विद्यालयों और समुदाय की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।

इस अवसर पर सभी संबंधित ग्राम पंचायतों में बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। इसके अलावा विभिन्न राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों ने बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया। छाबराना, सीतारामपुरा, कडिला, चांदसेन, हमीरपुर, कुकड़, कचरावता, ढिकोलिया, बगड़ी, रानोली, डारडातुर्की, महेंदवास, गूंसी, राजवास, खंडवा और चनानी सहित विभिन्न विद्यालयों में आयोजित शपथ कार्यक्रमों में करीब 1300 लोग शामिल हुए।

ग्राम सभाओं के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और संबंधित कानून की जानकारी दी गई। ग्रामवासियों और बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों ने अपने-अपने गांवों में बाल विवाह नहीं होने देने का संकल्प लिया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संबंधित पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया और पंचायत व विद्यालय स्तर पर जागरूकता तथा सामुदायिक निगरानी जारी रखने पर जोर दिया गया। इस दौरान परियोजना टीम से एमआईएस अधिकारी अंकित सिंहाग, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रामकल्याण जाट, विक्रम गुर्जर, गोपीचंद मीणा और अशोक मीणा मौजूद रहे।

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