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झारखंड: केरेडारी में मकान तोड़े जाने पर ग्रामीणों का विरोध, मुआवजे और पुनर्वास की करी मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
झारखंड: हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में NTPC की कोयला परियोजना से जुड़े विस्थापन को लेकर ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के बीच विवाद सामने आया है।
विस्तार
झारखंड: हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में NTPC की कोयला परियोजना से जुड़े विस्थापन को लेकर ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के बीच विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था किए बिना उनके मकानों को तोड़ा गया, जिसके बाद क्षेत्र में विरोध और आक्रोश की स्थिति बन गई। ग्रामीणों के अनुसार, NTPC की परियोजना और उसकी MDO कंपनी BGR Mining & Infra Ltd. से जुड़ी कार्रवाई के दौरान भारी मशीनों की मदद से कुछ मकानों को ध्वस्त किया गया। उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों के लिए विधिवत विस्थापन प्रक्रिया पूरी किए बिना यह कार्रवाई की गई। बताया गया कि पांडू पंचायत के नहर मोहल्ला निवासी मो. इंतेखार, पुत्र रेयजुद्दीन मियां, और कोरेसा खातून, पत्नी स्वर्गीय यूनुस मियां, के मकानों को तोड़े जाने से दोनों परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी दौरान मकान तोड़ने के लिए इस्तेमाल की जा रही एक्सकेवेटर मशीन को उन्होंने अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों ने प्रशासन तथा परियोजना प्रबंधन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय, उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था शामिल है। साथ ही ग्रामीणों ने मकान तोड़े जाने की कार्रवाई की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। परियोजना प्रबंधन और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।