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हरियाणा: गुजविप्रौवि में दो दिवसीय कला शिक्षा कार्यशाला आयोजित, भावी शिक्षकों ने सीखे नवाचार
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संक्षेप
हरियाणा: हिसार रु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (गुजविप्रौवि), हिसार के शिक्षा विभाग की ओर से एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के विद्यार्थी-अध्यापकों के लिए दो दिवसीय कला शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विस्तार
हरियाणा: हिसार रु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (गुजविप्रौवि), हिसार के शिक्षा विभाग की ओर से एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के विद्यार्थी-अध्यापकों के लिए दो दिवसीय कला शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कला-एकीकृत शिक्षण और भारतीय ज्ञान परंपराओं को शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में संसाधन व्यक्तियों के रूप में डॉ. रेनू जिंदल और प्रदीप यादव ने विद्यार्थियों को कला के माध्यम से शिक्षण को प्रभावी बनाने के तरीके बताए। उन्होंने कक्षा में कलात्मक अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक विरासत और अनुभवात्मक अधिगम को शामिल करने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान भावी शिक्षकों के प्रशिक्षण में रचनात्मकता, सांस्कृतिक जागरूकता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में कला की भूमिका पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थी-अध्यापकों को शिक्षण की नवीन पद्धतियों से परिचित कराना और कक्षा में कला के उपयोग को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का संयोजन शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. वंदना पुनिया ने किया। डॉ. उष्मा और डॉ. कुलदीप बिश्नोई ने समन्वयक के रूप में कार्यशाला का संचालन किया। शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. किशना राम ने इस पहल की सराहना की। प्रो. वंदना पुनिया ने कहा कि कला-एकीकृत शिक्षण पद्धति भावी शिक्षकों को रचनात्मक, नवाचारी और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को लागू करने की दिशा में सहायक हैं।